IGNOU BOOK | Administrative Thinkers[BPAC-132] Hindi medium
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प्रशासनिक चिंतक वे विद्वान हैं जिन्होंने प्रशासन, संगठन, प्रबंधन, निर्णय-निर्माण और मानवीय व्यवहार को समझने के लिए विभिन्न सिद्धांत एवं विचार प्रस्तुत किए। उनके विचारों ने लोक प्रशासन के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रमुख प्रशासनिक चिंतक
1. एफ. डब्ल्यू. टेलर — वैज्ञानिक प्रबंधन
फ्रेडरिक विंसलो टेलर को वैज्ञानिक प्रबंधन का जनक माना जाता है। उन्होंने कार्यों को वैज्ञानिक ढंग से करने, श्रमिकों के उचित चयन एवं प्रशिक्षण, कार्य-विभाजन, मानकीकरण और कार्यक्षमता बढ़ाने पर जोर दिया।
2. हेनरी फेयोल — प्रशासन के सिद्धांत
फेयोल ने प्रशासन के सामान्य सिद्धांत प्रस्तुत किए। उनके प्रमुख सिद्धांतों में कार्य-विभाजन, अधिकार एवं उत्तरदायित्व, अनुशासन, आदेश की एकता, निर्देशन की एकता और केंद्रीकरण शामिल हैं। उन्होंने नियोजन, संगठन, आदेश, समन्वय और नियंत्रण को प्रशासन के प्रमुख कार्य माना।
3. मैक्स वेबर — नौकरशाही सिद्धांत
वेबर ने नौकरशाही को प्रशासन का एक तर्कसंगत संगठनात्मक रूप माना। इसमें पदानुक्रम, स्पष्ट नियम, कार्य-विभाजन, विशेषज्ञता और औपचारिक संबंधों पर बल दिया जाता है।
4. एल्टन मेयो — मानव संबंध दृष्टिकोण
मेयो ने प्रशासन में मानवीय एवं सामाजिक तत्वों के महत्व पर जोर दिया। उनके हॉथोर्न अध्ययनों से यह स्पष्ट हुआ कि कर्मचारियों का मनोबल, समूह संबंध और संचार संगठन के कार्य-प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं।
5. हर्बर्ट साइमन — निर्णय-निर्माण दृष्टिकोण
साइमन ने प्रशासन को मुख्य रूप से निर्णय लेने की प्रक्रिया माना। उन्होंने सीमित तर्कसंगतता (Bounded Rationality) की अवधारणा दी। उनके अनुसार प्रशासकों के पास सीमित समय, सूचना और क्षमता होती है, इसलिए वे हमेशा सर्वोत्तम निर्णय के बजाय संतोषजनक निर्णय ले सकते हैं।
निष्कर्ष
प्रशासनिक चिंतकों ने प्रशासन को अलग-अलग दृष्टिकोणों से समझाया। टेलर ने दक्षता, फेयोल ने प्रशासनिक सिद्धांत, वेबर ने नौकरशाही, मेयो ने मानवीय संबंधों और साइमन ने निर्णय-निर्माण पर जोर दिया। इनके विचार आधुनिक लोक प्रशासन को समझने का महत्वपूर्ण आधार हैं।
Book Specifications
| Author | rieti Gupta & Sanjay Jain |
| Language | Hindi |
| Publisher | Neeraj Publications |
| ISBN | 9789391070236 |
| Format | Paperback |
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