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Vishvaguru Vivekananda (Hindi)
Vishvaguru Vivekananda was born in the era when the world was in the clutches of imperialism and India was being exploited by the British. Caste system, child marriage, Sati practice, superstitions, and fake beliefs were prevalent in the society. Vivekananda emerged as a key figure and his preachings not only enlightened India and Europe but the whole world. This book explores his magnificent personality and ideal lifestyle, which in itself was an inspiration, and brings together his speeches, letters, and poems.
Maila Aanchal/मैला आँचल
मैला आँचल बिहार के एक छोटे से गाँव के लोगों के दुःख-दर्द की मार्मिक कहानी है। आँसुओं से भीगी धरती पर सपनों के लहलहाते फूल और पौधे इसकी कथावस्तु हैं। प्रतिष्ठित उपन्यासकार फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ का यह सर्वश्रेष्ठ उपन्यास है। यह न सिर्फ सामाजिक समस्याओं का बारीकी से चित्रण करता है, बल्कि समाज के कुकृत्यों को भी सामने लाता है। मैला आँचल का नायक एक ऐसा युवा है जो डॉक्टर बनने के बाद एक पिछड़े गाँव को अपनी कर्मभूमि बनाता है। इसी क्रम में वह ग्रामीण जीवन के पिछड़ेपन, दु:ख-दैन्य, अभाव, अज्ञान, अंधविश्वास के साथ तरह-तरह के सामाजिक शोषण की शिकार जनता की पीड़ा और संघर्ष से जुड़ता है। इस उपन्यास के माध्यम से कथाशिल्पी फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ ने, उस वक्त के ग्रामीण भारत की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्थाओं का विस्तार से चित्रण किया। उन्होंने गरीबी, न्याय, स्वतंत्रता, जाति व्यवस्था और सामाजिक विभाजन के मुद्दे उठाए हैं। इस युगांतरकारी कृति में आंचलिक भाषा और शैली का विलक्षण सामंजस्य है, जो सहज होने के साथ-साथ प्रभावी भी है।
Gunahon Ka Devta
गुनाहों का देवता - धर्मवीर भारती के इस उपन्यास का प्रकाशन और इसके प्रति पाठकों का अटूट सम्मोहन हिन्दी साहित्य-जगत् की एक बड़ी उपलब्धि बन गये हैं। दरअसल, यह उपन्यास हमारे समय में भारतीय भाषाओं की सबसे अधिक बिकनेवाली लोकप्रिय साहित्यिक पुस्तकों में पहली पंक्ति में है। लाखों-लाख पाठकों के लिए प्रिय इस अनूठे उपन्यास की माँग आज भी वैसी ही बनी हुई है जैसी कि इसके प्रकाशन के प्रारम्भिक वर्षों में थी।—और इस सबका बड़ा कारण शायद एक समर्थ रचनाकार की कोई अव्यक्त पीड़ा और एकान्त आस्था है, जिसने इस उपन्यास को एक अद्वितीय कृति बना दिया है
Meri Atmakatha: Autobiography of Dr. BR Ambedkar (Babasaheb) | Inspiring Biography & Memoir on Dalit History, Social Justice and the Maker of the Indian Constitution in Hindi
डॉ. बी. आर. आंबेडकर की आत्मकथा भारत के महानतम समाज-सुधारकों और दूरदर्शियों में से एक असाधारण जीवन की भावपूर्ण स्मारकीय कृति है । इस आत्मकथा में डॉ. आंबेडकर अपने प्रारंभिक जीवन, जातिगत भेदभाव के खिलाफ अपने संघर्ष, शिक्षा के अपने प्रयास तथा सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों को सुरक्षित करने के अपने अथक प्रयासों के माध्यम से एक परिवर्तनकारी यात्रा पर ले जाते हैं। वे एक छात्र, एक वकील, एक विद्वान् और अंततः भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार के रूप में अपने अनुभवों को साझा करते हैं ।डॉ. बी. आर. आंबेडकर की आत्मकथा दमन की गहरी जड़ें जमा चुकी व्यवस्थाओं को चुनौती देने के साहस की याद दिलाती है । यह भारतीय इतिहास के कालक्रम को आकार देने में किए गए असंख्य व्यक्तिगत बलिदानों और डॉ. आंबेडकर के अमिट प्रभाव को दरशाती है। भारतीय संविधान की मसौदा समिति के अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका, जहाँ उन्होंने प्रत्येक नागरिक के अधिकारों और सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए अथक संघर्ष किया, सामाजिक न्याय के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।उनकी आत्मकथा एक मार्गदर्शक प्रकाश के रूप में काम करे, जो हमारे भीतर करुणा, सहानुभूति और समानता की निरंतर खोज की भावना को प्रज्वलित करे ।
Main Nastik Kyon Hoon? मैं नास्तिक क्यों हूं? | Hindi Translation of Why I Am An Atheist? (Bhagat Singh Thoughts Book in Hindi)
Main Nastik Kyon Hoon? "मैं नास्तिक क्यों हूं?" | Hindi Translation of Why I Am An Atheist?पहले नेता, जिनके संपर्क में मैं आया, हालाँकि आश्वस्त नहीं थे, लेकिन वह ईश्वर के अस्तित्व को नकारने का साहस नहीं कर सकते थे। भगवान् के बारे में मेरे लगातार सवालों पर वह कहा करते थे, जब भी आप चाहें, प्रार्थना करें। अब उस पंथ को अपनाने के लिए नास्तिकता रहित साहस की आवश्यकता थी।दूसरे नेता, जिनके संपर्क में मैं आया, वह दृढ़ आस्तिक थे। मुझे उनके नाम का उल्लेख करने दें सम्मानित साथी शचींद्रनाथ सान्याल, जो अब कराची षड्यंत्र मामले में आजीवन कारावास की सजा भोग रहे हैं।उनकी प्रसिद्ध और एकमात्र पुस्तक 'बंदी जीवन' (या अव्यवस्थित जीवन) के हर पहले पृष्ठ पर भगवान् की महिमा को गाया गया है।उस सुंदर पुस्तक के दूसरे भाग के अंतिम पृष्ठ में, उनके रहस्यवादी (वेदांतवाद के कारण) भगवान् पर की गई प्रशंसा उनके विचारों का एक बहुत ही विशिष्ट हिस्सा है। —इसी पुस्तक से
Jail Diary Of Bhagat Singh (Hindi)
सितंबर 1929 से मार्च 1931 के बीच, जेल में भगत सिंह ने विस्तार से लिखा। उन्होंने एक डायरी रखी जो दैनिक उपयोग के नोट्स, स्वतंत्रता, गरीबी और वर्ग संघर्ष पर अपने स्वयं के विचारों और विभिन्न राजनीतिक विचारकों और बुद्धिजीवियों जैसे लेनिन, मार्क्स, उमर खय्याम, मोरोज़ोव, रवींद्रनाथ टैगोर, ट्रॉट्स्की, बर्ट्रेंड रसेल, डोस्तोव्स्की, वर्ड्सवर्थ, गालिब और कई अन्य लोगों के विचारों से भरी हुई थी। अपनी जेल डायरी के पन्नों के माध्यम से, एक वास्तविक भगत सिंह उभरते हैं-जो बिना टोपी या बंदूक के हैं, जिनके पास एक तर्कसंगत दिमाग और एक मजबूत समाजवादी सोच है।
Godaan (Hindi)
Godaan is a masterpiece of Indian literature that explores the complex themes of social inequality, rural life, and the struggles of the marginalized. Written by Munshi Premchand, this timeless novel takes you on a poignant journey through the lives of characters grappling with poverty, morality, and the pursuit of a better life.Compelling storytelling that immerses you in the vibrant world of rural India.Thought-provoking social commentary that sheds light on caste dynamics and societal injustices.Memorable characters whose stories evoke empathy and reflection.A powerful portrayal of the human condition and the search for meaning.A must-read for those interested in Indian literature and a deeper understanding of society.