IGNOU BOOK | Anuwaad Sidhanth Aur Pravidhi | BHDS - 183 | HINDI MEDIUM
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अनुवाद सिद्धांत और प्रविधि
अनुवाद का अर्थ है किसी एक भाषा में व्यक्त विचार, भाव, सूचना या संदेश को दूसरी भाषा में उसके मूल अर्थ और भाव को सुरक्षित रखते हुए प्रस्तुत करना। जिस भाषा से अनुवाद किया जाता है उसे स्रोत भाषा और जिस भाषा में अनुवाद किया जाता है उसे लक्ष्य भाषा कहते हैं।
1. अनुवाद के प्रमुख सिद्धांत
1. अर्थ-संरक्षण का सिद्धांत
अनुवाद में मूल रचना के अर्थ और आशय को यथासंभव सुरक्षित रखना आवश्यक है। केवल शब्दों का अनुवाद पर्याप्त नहीं होता।
2. भाव-संरक्षण का सिद्धांत
मूल पाठ की भावना, संवेदना और प्रभाव लक्ष्य भाषा में भी दिखाई देना चाहिए।
3. स्वाभाविकता का सिद्धांत
अनुवाद ऐसा होना चाहिए कि वह लक्ष्य भाषा में स्वाभाविक और सहज लगे। शब्दशः अनुवाद से कई बार भाषा अस्वाभाविक हो जाती है।
4. शैली-संरक्षण का सिद्धांत
लेखक की शैली, स्वर और अभिव्यक्ति को यथासंभव बनाए रखना चाहिए।
5. सांस्कृतिक संदर्भ का सिद्धांत
मुहावरों, लोक-परंपराओं और सांस्कृतिक संदर्भों का अनुवाद करते समय लक्ष्य भाषा के पाठक और संस्कृति का ध्यान रखना चाहिए।
6. स्पष्टता और सटीकता
अनुवाद की भाषा स्पष्ट, सरल और अर्थपूर्ण होनी चाहिए तथा मूल पाठ के तथ्य सही रहने चाहिए।
2. अनुवाद की प्रमुख प्रविधियाँ
प्रविधि से आशय उस तरीके से है जिसके द्वारा अनुवादक स्रोत भाषा के पाठ को लक्ष्य भाषा में रूपांतरित करता है।
1. शब्दानुवाद
स्रोत भाषा के शब्दों का लगभग सीधा शब्द-प्रतिशब्द अनुवाद किया जाता है। तकनीकी और सरल वाक्यों में इसका प्रयोग उपयोगी हो सकता है।
2. भावानुवाद
इसमें शब्दों की अपेक्षा भाव और आशय को महत्व दिया जाता है। साहित्यिक रचनाओं में यह अधिक उपयोगी होता है।
3. छायानुवाद
मूल रचना के भाव और शैली की छाया को बनाए रखते हुए लक्ष्य भाषा में स्वतंत्र ढंग से अनुवाद किया जाता है।
4. सारानुवाद
मूल पाठ का संक्षिप्त रूप लक्ष्य भाषा में प्रस्तुत किया जाता है। इसमें अनावश्यक विवरण छोड़ दिए जाते हैं।
5. रूपांतरण
कभी-कभी स्रोत भाषा की अभिव्यक्ति को लक्ष्य भाषा की सांस्कृतिक और भाषायी आवश्यकताओं के अनुसार बदलना पड़ता है।
6. आशु अनुवाद
किसी वक्ता की बात को तुरंत दूसरी भाषा में मौखिक रूप से प्रस्तुत करना आशु अनुवाद कहलाता है। इसका प्रयोग भाषण, सम्मेलन और बैठकों में होता है।
Book Specifications
| Author | Sanjayy Jain |
| Language | Hindi |
| Publisher | Neeraj Publications |
| ISBN | 9789391070793 |
| Format | Paperback |
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