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IGNOU BOOK | Hindi Sahitya ka Itihaas | BHDC - 131 | HINDI MEDIUM

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हिंदी साहित्य का इतिहास

हिंदी साहित्य का इतिहास हिंदी भाषा और साहित्य के विकास की क्रमबद्ध यात्रा है। इसमें विभिन्न कालों की सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों के साथ साहित्य की प्रमुख प्रवृत्तियों, कवियों और रचनाओं का अध्ययन किया जाता है।

आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने हिंदी साहित्य के इतिहास को मुख्यतः चार कालों में विभाजित किया है:

1. आदिकाल — वीरगाथा काल

समय: लगभग 10वीं से 14वीं शताब्दी

आदिकाल हिंदी साहित्य का प्रारंभिक चरण है। इस समय की प्रमुख रचनाओं में वीरता, युद्ध, राजाओं के शौर्य और धार्मिक भावनाओं का वर्णन मिलता है।

  • प्रमुख प्रवृत्ति — वीर रस और शौर्य
  • प्रमुख कवि — चंदबरदाई, जगनिक
  • प्रमुख रचना — पृथ्वीराज रासो
  • अन्य धाराएँ — सिद्ध, नाथ और जैन साहित्य

2. भक्तिकाल

समय: लगभग 14वीं से 17वीं शताब्दी

भक्तिकाल को हिंदी साहित्य का स्वर्ण युग भी कहा जाता है। इस काल में भक्ति के माध्यम से ईश्वर, मानवता और सामाजिक समानता की भावना व्यक्त हुई।

भक्तिकाल की दो प्रमुख धाराएँ हैं:

Book Specifications

AuthorSanjayy Jain
LanguageHindi
PublisherNeeraj Publications
ISBN9788195191956
FormatPaperback

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