IGNOU BOOK | Rashtriya Kavyadhara | HINDI MEDIUM | BHDE - 142
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राष्ट्रीय काव्यधारा
राष्ट्रीय काव्यधारा आधुनिक हिंदी कविता की वह प्रमुख प्रवृत्ति है जिसमें देशप्रेम, राष्ट्रीय चेतना, स्वतंत्रता की भावना, मातृभूमि के प्रति समर्पण और सामाजिक जागरण को अभिव्यक्ति मिली। इसका विकास विशेष रूप से भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के समय हुआ।
राष्ट्रीय काव्यधारा की पृष्ठभूमि
19वीं और 20वीं शताब्दी में भारत में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध राष्ट्रीय चेतना का विकास हुआ। साहित्यकारों ने कविता को जन-जागरण और स्वतंत्रता-संघर्ष का माध्यम बनाया। कविताओं में भारत के गौरवशाली अतीत का स्मरण तथा देशवासियों में एकता और स्वाभिमान की भावना उत्पन्न करने का प्रयास किया गया।
प्रमुख विशेषताएँ
- देशप्रेम और राष्ट्रभक्ति: मातृभूमि के प्रति प्रेम और समर्पण।
- स्वतंत्रता की भावना: विदेशी शासन से मुक्ति की आकांक्षा।
- राष्ट्रीय एकता: जाति, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर एकता का संदेश।
- अतीत का गौरव: भारत की प्राचीन संस्कृति और इतिहास का गौरवगान।
- बलिदान की भावना: देश के लिए त्याग और संघर्ष की प्रेरणा।
- जन-जागरण: जनता में स्वाभिमान और स्वतंत्रता की चेतना पैदा करना।
- सामाजिक सुधार: सामाजिक कुरीतियों और असमानताओं का विरोध।
प्रमुख राष्ट्रीय कवि
1. मैथिलीशरण गुप्त
उन्हें राष्ट्रीय चेतना का प्रमुख कवि माना जाता है। उनकी रचनाओं में देशप्रेम, भारतीय संस्कृति और सामाजिक चेतना प्रमुख हैं।
प्रमुख रचनाएँ: भारत-भारती, साकेत, यशोधरा।
2. रामधारी सिंह ‘दिनकर’
दिनकर की कविता में वीरता, राष्ट्रीय स्वाभिमान और क्रांतिकारी चेतना प्रमुख है।
प्रमुख रचनाएँ: हुंकार, कुरुक्षेत्र, रश्मिरथी।
3. माखनलाल चतुर्वेदी
उनकी कविताओं में देश के लिए त्याग और बलिदान की भावना अत्यंत प्रभावशाली है।
प्रमुख रचना: हिमतरंगिणी।
4. सुभद्रा कुमारी चौहान
उन्होंने अपनी कविताओं में वीरता और स्वतंत्रता-संघर्ष को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया।
प्रमुख कविता: झाँसी की रानी।
5. बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’
उनकी कविताओं में राष्ट्रीय जागरण, संघर्ष और क्रांतिकारी भावना दिखाई देती है।
राष्ट्रीय काव्यधारा का महत्व
राष्ट्रीय काव्यधारा ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जनता में देशभक्ति, आत्मविश्वास, साहस और एकता की भावना पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस कविता ने साहित्य को केवल मनोरंजन का माध्यम न रखकर राष्ट्रीय जागरण और सामाजिक परिवर्तन का साधन बनाया।
निष्कर्ष
राष्ट्रीय काव्यधारा आधुनिक हिंदी कविता की एक महत्वपूर्ण धारा है। इसमें राष्ट्रप्रेम, स्वतंत्रता, वीरता, त्याग, बलिदान और राष्ट्रीय एकता की भावनाएँ प्रमुख हैं। मैथिलीशरण गुप्त, दिनकर, माखनलाल चतुर्वेदी और सुभद्रा कुमारी चौहान जैसे कवियों ने हिंदी कविता को राष्ट्रीय चेतना की सशक्त आवाज प्रदान की।
Book Specifications
| Author | Sanjay Jain |
| Language | Hindi |
| Publisher | Neeraj Publications |
| ISBN | 9789393088642 |
| Format | Paperback |
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