IGNOU BOOK | Traditions & Perceptions Of Crafts In Bharat | [ Hindi medium] BHIS-183
Out of Physical Stock
Standard delivery in 3–5 business days to .
Please enter a valid 6-digit Indian PIN code.
Fast Shipping
Tracked Pan-India Dispatch
100% Authentic
Verified Exam PYQs
Secure Payment
Razorpay / UPI / Cards
Instant PDF Access
Direct Online Download
Product Overview & Details
BHIS-183: भारत में शिल्प की परंपराएँ एवं धारणाएँ
(Traditions & Perceptions of Crafts in Bharat) — हिंदी माध्यम
परिचय
शिल्प (Craft) भारतीय संस्कृति और इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत में शिल्प केवल वस्तुएँ बनाने की तकनीक नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, परंपरा, कौशल, संस्कृति, धर्म, सामाजिक जीवन और स्थानीय पहचान से जुड़ा हुआ है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होने वाली शिल्प परंपराओं ने भारतीय सभ्यता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता के कारण यहाँ विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकार के शिल्प विकसित हुए हैं। इनमें मिट्टी के बर्तन, वस्त्र निर्माण, धातु शिल्प, लकड़ी का काम, पत्थर की नक्काशी, आभूषण, चित्रकला, बुनाई और हस्तकला प्रमुख हैं।
1. शिल्प का अर्थ
शिल्प का अर्थ है हाथों और विशेष कौशल के माध्यम से उपयोगी या कलात्मक वस्तुओं का निर्माण।
शिल्प में दो महत्वपूर्ण पक्ष होते हैं:
- उपयोगिता — वस्तु का दैनिक जीवन में उपयोग।
- सौंदर्य — वस्तु में कलात्मकता और आकर्षण।
इसलिए भारतीय शिल्प में कला और उपयोगिता दोनों का सुंदर संयोजन दिखाई देता है।
2. भारत में शिल्प परंपराओं की प्राचीनता
भारत में शिल्प की परंपरा बहुत प्राचीन है। सिंधु घाटी सभ्यता से प्राप्त मिट्टी के बर्तन, मनके, आभूषण, मूर्तियाँ, मुहरें और धातु की वस्तुएँ इस बात का प्रमाण हैं कि प्राचीन भारत में शिल्पकारों को विभिन्न तकनीकों का ज्ञान था।
बाद के काल में भी शिल्प परंपराओं का विकास हुआ। मंदिरों, महलों, धार्मिक संस्थानों और नगरों के निर्माण में शिल्पकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
3. शिल्प और भारतीय समाज
भारतीय समाज में शिल्प का संबंध केवल आर्थिक गतिविधि से नहीं था। कई शिल्प जाति, समुदाय, परिवार और स्थानीय परंपराओं से जुड़े रहे।
शिल्पकारों का ज्ञान सामान्यतः परिवार में ही अगली पीढ़ी को दिया जाता था। बच्चे बचपन से अपने माता-पिता या समुदाय के अनुभवी शिल्पकारों से काम सीखते थे।
इस प्रकार शिल्प:
ज्ञान → कौशल → परंपरा → पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरण
की प्रक्रिया के माध्यम से आगे बढ़ता रहा।
4. प्रमुख भारतीय शिल्प परंपराएँ
(क) मिट्टी का शिल्प
मिट्टी से बर्तन, खिलौने, मूर्तियाँ, दीपक और सजावटी वस्तुएँ बनाई जाती हैं। कुम्हार समुदाय इस परंपरा से विशेष रूप से जुड़ा रहा है।
मिट्टी का शिल्प भारतीय ग्रामीण और धार्मिक जीवन में विशेष महत्व रखता है।
(ख) वस्त्र और बुनाई
भारत में बुनाई की अत्यंत समृद्ध परंपरा है। विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकार के वस्त्र और तकनीकें विकसित हुईं।
उदाहरण के लिए:
- बनारसी वस्त्र
- कांजीवरम साड़ी
- चंदेरी
- पटोला
- इकत
- पश्मीना
- खादी
वस्त्रों में स्थानीय संस्कृति, प्रतीक और डिजाइन दिखाई देते हैं।
(ग) धातु शिल्प
सोना, चाँदी, तांबा, कांसा, पीतल और लोहे जैसी धातुओं से विभिन्न वस्तुएँ बनाई जाती रही हैं।
धातु शिल्प में शामिल हैं:
- आभूषण
- धार्मिक मूर्तियाँ
- बर्तन
- औजार
- सजावटी वस्तुएँ
(घ) लकड़ी का शिल्प
लकड़ी से फर्नीचर, खिलौने, मूर्तियाँ, दरवाजे और सजावटी वस्तुएँ बनाई जाती हैं। मंदिरों और पारंपरिक भवनों की नक्काशी में भी लकड़ी का उपयोग हुआ है।
(ङ) पत्थर का शिल्प
भारत की मंदिर स्थापत्य परंपरा पत्थर की नक्काशी और शिल्प-कौशल का उत्कृष्ट उदाहरण है। मूर्तियाँ, स्तंभ, मंदिर की दीवारें और अन्य स्थापत्य तत्व कुशल शिल्पकारों द्वारा बनाए गए।
(च) आभूषण निर्माण
शिल्प संरक्षण की आवश्यकता
भारतीय शिल्प परंपराओं को संरक्षित करना आवश्यक है क्योंकि इनमें पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत निहित है।
संरक्षण के लिए आवश्यक कदम:
- कारीगरों को उचित पारिश्रमिक देना।
- पारंपरिक ज्ञान का दस्तावेजीकरण करना।
- युवा पीढ़ी को शिल्प प्रशिक्षण देना।
- शिल्प उत्पादों के लिए उचित बाजार उपलब्ध कराना।
- नकली और मशीन-निर्मित उत्पादों से वास्तविक हस्तशिल्प की पहचान करना।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कारीगरों को बाजार से जोड़ना।
- शिल्प मेलों और प्रदर्शनियों को बढ़ावा देना।
- महिलाओं और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को प्रोत्साहित करना।
Book Specifications
| Author | Ved Prakash Sharma |
| Language | Hindi |
| Publisher | Neeraj Publications |
| ISBN | 97893486255427 |
| Format | Paperback |
Customer Ratings & Reviews
Related Study Materials & Books
RecommendationsStudents preparing for this exam also purchased these resources





